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उत्तराखण्ड

ऐक्टू जिला काउंसिल बैठक में मजदूरों की मांगें को लेकर की चर्चा,,


रुद्रपुर,,ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) की जिला काउंसिल की बैठक रविवार को कार्यालय हेड मास्टर निशान सिंह भवन में संपन्न हुई। बैठक में केंद्र व राज्य सरकारों पर मजदूर शोषण के आरोप लगाए गए।
प्रदेश महामंत्री का संबोधन
ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री के.के. बोरा ने कहा कि मजदूर वर्ग केंद्र सरकार से वेतन वृद्धि की उम्मीद लगाए बैठा था, लेकिन मोदी सरकार लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। उन्होंने चार लेबर कोड को पूंजीपतियों के हित में मजदूरों पर थोपने का आरोप लगाया। गैस संकट और बढ़ती महंगाई के बीच मजदूरों का गुस्सा भड़क रहा है, फिर भी सरकार दमन कर रही है। मानेसर, गुरुग्राम, नोएडा जैसे इलाकों में लाठीचार्ज व गिरफ्तारियां निंदनीय हैं। ऐक्टू गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई व मांगें मानने की मांग करता है।
बोरा ने महंगाई, शिक्षा-स्वास्थ्य के निजीकरण के बीच न्यूनतम वेतन 42 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग दोहराई।
जिलाध्यक्ष व सचिव ने की चिंताएं,,ऐक्टू जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी ने बताया कि सरकार 6 माह में बढ़ने वाले महंगाई भत्ते (वीडीए) को रोक रही है, जो जनवरी से लागू होना चाहिए था। जल्द जारी न होने पर प्रदर्शन होगा।
जिला सचिव अनिता अन्ना ने कहा कि संगठन रुद्रपुर व सितारगंज में नगर सम्मेलन करेगा। आशा वर्कर्स पर काम का बोझ बढ़ा है, लेकिन न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा। आंगनबाड़ी, भोजनमाता जैसी स्कीम वर्कर्स शोषण से त्रस्त हैं। आंगनबाड़ी आंदोलन की मांगें माननी चाहिए।
उपस्थित सदस्य
बैठक में ललित मटियाली, रीता कश्यप, मोहन बिष्ट, हीरा सिंह राठौर, रुदल प्रसाद, प्रकाश नेगी, उत्तम दास, धीरज कुमार आदि मौजूद रहे।

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