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उत्तराखण्ड

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित की जाने वाली योजनाओं को राज्य के अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का भरपूर प्रयास करेंगे ,भट्ट

हल्द्वानी- राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने पत्रकार वार्ता में बताया कि केंद्र व राज्य सरकार विषम भौगोलिक स्थिति वाले उत्तराखंड प्रदेश के कोने-कोने तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है और उनको दायित्व दिए जाने के पश्चात वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित की जाने वाली योजनाओं को राज्य के अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का भरपूर प्रयास करेंगे।

हल्द्वानी के निजी होटल में प्रेस वार्ता करते हुए दायित्व धारी श्री सुरेश भट्ट ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत नवजात शिशु से लेकर गर्भवती महिलाओं तक विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के लिए सामान्य प्रसव से लेकर सिजेरियन प्रसव तक निशुल्क व्यवस्था है। यहां तक की एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक रेफर करने पर निशुल्क ट्रांसपोर्ट सुविधा और घर वापस आने तक भी निशुल्क ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की जाती है। इसके अलावा बीमार नवजात शिशु के लिए जन्म से एक वर्ष बाद तक निशुल्क उपचार, दवाइयां, जांच और रेफरल केस में एक संस्थान से दूसरे संस्थान तक जाने के लिए व घर वापसी के लिए निशुल्क ट्रांसपोर्ट की सुविधा है।

वही श्री भट्ट ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के लिए सरकारी चिकित्सालय में प्रसव कराने पर शहरी क्षेत्र की महिला को ₹1000 और ग्रामीण क्षेत्र की महिला को 1400 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच की जाती है। साथ ही ग्राम स्वास्थ्य और पोषण दिवस के अंतर्गत एएनएम कार्यकर्ताओं द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर परामर्श दिए जाने के साथ ही टीकाकरण, परिवार नियोजन और पोषण संबंधित कार्य किए जाते हैं। इसके अलावा प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में खसरा रूबेला एवं पोलियो पर नियंत्रण के लिए निशुल्क टीकाकरण कार्यक्रम किया जाता है। वहीं बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के अंतर्गत 5 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क चिकित्साएं सेवाएं और आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर जाकर निशुल्क औषधीय वितरित की जाती हैं। व राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन के अंतर्गत किशोर स्वास्थ्य परामर्श क्लिनिक में निशुल्क परामर्श दी जाती है। तथा साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड गोली का निशुल्क वितरण किया जाता है। वही माहवारी स्वच्छता कार्यक्रम जैसे कार्यक्रम तेजी से चल रहे हैं। निशुल्क आवश्यक औषधि योजना को भी सरकार बढ़ावा दे रही है तथा निशुल्क जांच योजना के अंतर्गत जिला चिकित्सालय एवं उप जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी प्राथमिक केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क जांच में प्रदान की जा रही है, साथ ही राज्य भर में 272 गाड़ियो द्वारा 108 आकस्मिक एंबुलेंस सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं तथा खुशियों की सवारी जो की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के उपरांत निशुल्क घर तक छोड़कर आती है राज्य में 128 वाहनों के माध्यम से यह सेवा उपलब्ध कराई जा रही है, तथा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के रोगियों को रियायती दरों पर डायलिसिस सेवाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा एकीकृत टोल फ्री 104 हेल्पलाइन को भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है जो की 24 घंटे सातों दिन संचालित होती है

इसके साथ ही दायित्व धारी सुरेश भट्ट ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय पोलिएटिव केयर कार्यक्रम और राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम संचालित किया जा रहे हैं। इन सभी योजनाओं का जन-जन तक प्रचार प्रसार कर वह सरकार के सहयोगी बनकर राज्य के अंतिम व्यक्ति तक इन योजनाओं का लाभ जनता को मिले इसके लिए कार्य करेंगे।

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