उत्तराखण्ड
मनमानीबाज़ निजी स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन का तगड़ा एक्शन: 46 स्कूलों को दिया कारण बताओ नोटिस”
हल्द्वानी, 8 अप्रैल 2026
निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों पर दबाव डालने वाली प्रथाओं पर लगाम लगाने के मकसद से जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के सख्त निर्देशों पर चलाई गई विशेष जांच के बाद हल्द्वानी के 46 निजी स्कूलों के खिलाफ “कारण बताओ नोटिस” जारी कर दिया गया है, जिसमें 11 अप्रैल तक लिखित जवाब देने को कहा गया है।
क्यों चली यह कार्रवाई?
जांच में सामने आया कि कई निजी संस्थान अभिभावकों को NCERT की सस्ती किताबों के बजाय महंगी निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए दबाव डाल रहे थे। बुक सेलरों की दुकानों से स्कूल‑जारी पर्चियां भी बरामद हुईं, जिनमें अभिभावकों को तय दुकान से ही किताबें–कॉपियां लेने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा,
स्कूल वेबसाइट पर फीस स्ट्रक्चर और अनिवार्य जानकारी सार्वजनिक न करना,
CBSE द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार चलने में कमी,
अभिभावकों को विशेष दुकानों से ही लिखित सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करने जैसी अनियमितताएं पकड़ी गई।
जिलाधिकारी के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने इन मामलों को “शासन–प्रशासन और CBSE के स्पष्ट निर्देशों का सीधा उल्लंघन” बताया है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
नोटिस में क्या‑क्या चेतावनी?
मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने जारी नोटिस में सभी 46 स्कूलों को स्पष्ट किया है कि वे 11 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक अपना लिखित स्पष्टीकरण, आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करें। यदि
तय समय में जवाब नहीं भेजा जाता, या
दिया गया जवाब जांच समिति और सीईओ को संतोषजनक नहीं लगता,
तो स्कूलों के खिलाफ मान्यता या संबद्धता निरस्त करने, जुर्माना लगाने, विधिक कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक–अनुशासनात्मक दंड कदम उठाने की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अभिभावकों पर लगाए जा रहे अनावश्यक आर्थिक बोझ और शैक्षणिक दबाव को रोकने के लिए जरूरी है।
जिन 46 स्कूलों पर यह डंडा पड़ा है
नोटिस निम्नलिखित निजी स्कूलों को भेजा गया है (सूची आपके दिए आँकड़े के अनुसार):
वेदान्तम इंटरनेशनल स्कूल, दमुवादूंगा
ग्रीन सिटी पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी
आदर्श पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी
आरूष पब्लिक स्कूल, कुंवरपुर, हल्द्वानी
न्यू बाल संसार पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी
चिल्ड्रन वैली पब्लिक स्कूल, बरेली रोड, हल्द्वानी
डी लैम्प पब्लिक स्कूल, दमुवादूंगा, हल्द्वानी
… (आगे 39 स्कूलों के नाम आपकी लिस्ट के अनुसार चलते हैं, जैसे – दपर्ण चिल्ड्रन गार्डन, ईमैनुअल, ग्रीन वुड, जी‑किड्स, हिमालया विद्या मंदिर, इन्सपिरेशन, देवभूमि, जय दुर्गे, किड्स केयर, किंग्सफोर्ड, काठगोदाम, लिटिल जीनियस, मानस, नेशनल, न्यू सनसाईन, न्यू रेनबो, शेमफोर्ड, सेंट लुक्स, श्री कृपा, सेंट जार्ज, सनराईज, समिट, विवेकानंद, सन बीम, एस.के.एम., फन विथ ड्राइंग, टेंडर फीट, विजडम, वुडलैंड, वी.वी.एम., होली एंजेल, पी.डी. मैमोरियल, न्यू फैंग लैंड, राइजिंग स्टार, स्प्रिंग फील्ड, दून और आर्यमान विक्रम बिड़ला पब्लिक स्कूल)।
समाज–अभिभावकों पर संदेश
प्रशासन का इस एक्शन से एक ही संदेश है: “अब निजी स्कूलों की फीस–किताब गठजोड़, दबाव और मनमानी पर छूट नहीं मिलेगी।” इससे पहले जिले में ई‑मेल आईडी और ब्लॉक स्तर पर शिकायत व्यवस्था की शुरुआत की गई थी, ताकि अभिभावक सीधे सीईओ और खंड शिक्षा विभाग को शिकायतें भेज सकें। अब ये नोटिस और चेतावनी स्पष्ट रूप से संकेत देते हैं कि अनियमितता मिलने पर स्कूलों की मान्यता और वैधता पर सीधे प्रश्नचिह्न लगाया जाएगा, जिससे लंबे समय तक शैक्षणिक व्यवहार में बदलाव लाने की उम्मीद जताई जा रही है।


















