उत्तराखण्ड
बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों का लिया जाएगा अभिलेख परीक्षण,,
नैनीताल। मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने जनपद के अनेक निजी विद्यालयों के बिना मान्यता के संचालित होने की सूचना प्राप्त होने पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इन स्कूलों की मान्यता संबंधी अभिलेखों का गहन परीक्षण किया जाएगा।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद में कई निजी विद्यालय बिना उचित मान्यता के कार्यरत हैं। इस दिशा में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, राजकीय इंटर कॉलेजों, राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों, राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों व उप शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं।
निर्देशों का विवरण
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक विद्यालय अपने भौगोलिक क्षेत्र के अंतर्गत संचालित सभी निजी विद्यालयों के बारे में प्रमाणिक सूचना एकत्र करें। इसमें शामिल होगा:
क्या विद्यालय मान्यता प्राप्त है?
यदि मान्यता प्राप्त है, तो यू-डाइस कोड क्या है?
किस बोर्ड से मान्यता प्राप्त है?
मान्यता प्राप्ति की तिथि व वैधता अवधि।
मान्यता प्रदान करने वाले सक्षम अधिकारी का नाम व पदनाम।
इसके साथ ही मान्यता प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न कर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय को 10 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध कराना होगा। समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों व उप शिक्षा अधिकारियों को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, तथा उन्हें 11 अप्रैल 2026 तक पूरी सूचना मुख्यालय को सौंपने का आदेश दिया गया है।
यह कदम निजी स्कूलों की वैधानिकता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। संबंधित अधिकारी समयबद्धता बनाए रखें।
















