उत्तराखण्ड
निजी स्कूलों की मनमानी पर रामनगर टैक्स बार सख्त, मंत्रियों से मिलने की चेतावनी,
रामनगर में अभिभावकों का हो रहा आर्थिक शोषण, तत्काल कार्रवाई की मांग
रामनगर, 8 अप्रैल 2026: क्षेत्र के निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों पर मनमानी थोपने के खिलाफ रामनगर टैक्स बार ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान न होने पर शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से शिष्टमंडल मिलेगा।
स्कूलों की प्रमुख शिकायतें
अवैध शुल्क वसूली: पुराने छात्रों से दोबारा वार्षिक शुल्क लिया जा रहा।
महंगी सामग्री का दबाव: कॉपी-किताबें केवल स्कूल से खरीदने को मजबूर करना, जबकि बाजार में सस्ती उपलब्ध।
बिल-रसीद की कमी: खरीद पर वैध दस्तावेज न देना, जो उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन।
टैक्स बार अध्यक्ष पूरन पांडे और उपसचिव मनु अग्रवाल ने इसे अभिभावकों का आर्थिक शोषण बताया, जो शिक्षा के अधिकार के खिलाफ है।
अधिवक्ताओं की एकजुट आवाज
बैठक में प्रबल बंसल, भूपाल रावत, फिरोज अंसारी, मनोज अग्रवाल, लईक अहमद, नावेद सैफी व गुलरेज रजा ने कहा—स्कूलों की मनमानी असहनीय है, अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा।
मांगे गए कदम
पुराने छात्रों से दोबारा शुल्क पर रोक।
सामग्री खरीद की स्वतंत्रता।
उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई।
संगठन ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।


















