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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में यदि बिजली की दरों में बढ़ोतरी हुई तो होगा जन आंदोलन सुशील उनियाल


उत्तराखंड में यदि बिजली की दरों में बढ़ोतरी हुई तो होगा जन आंदोलन

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय महामंत्री सुशील उनियाल ने कहा कि राज्य की जनता ने बीजेपी को पूर्ण बहुमत देकर पुनः सत्ता सौंपीं लेकिन भाजपा ने राज्य की जनता को बिजली बिलों में बढ़ोतरी करके उत्तराखंड के लोगों को मंहगाई का गिफ्ट दिया है। उनियाल ने कहा की उत्तराखंड में अपार जल संपदा है बावजूद इसके ऊर्जा निगमों में घाटा दिखाकर बिजली दरों में बढ़ोतरी की जा रही है । विद्युत नियामक आयोग ने भी सिर्फ जनसुनवाई का बहाना बनाया और बिजली दरों में बढ़ोतरी का निर्णय देने का फैसला कर दिया जो राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के हितों पर कुठाराघात है। नियामक आयोग ने जनता के हितों मे नही बल्कि ऊर्जा निगमो के अधिकारियों के द्वारा भेजे गए प्रस्तावों के हित मे फैसला देने का कार्य किया है जो कोरोना महामारी में बेरोजगार हुए जनता के हितों पर कुठारघात है।
सुशील उनियाल ने कहा कि विद्युत नियामक आयोग का कार्य था कि ऊर्जा निगमों की कार्यप्रणाली पर विशेष नजर रखते और निगमों में हो रहे भ्रस्टाचार पर ध्यान देकर राजस्व की हानि रुकवाते जिससे बिजली दरों में बढ़ोतरी की आवश्यकता नही पड़ती, लेकिन आयोग सिर्फ जन सुनवाई करके अपनी ड्यूटी पूरी कर देते हैं, और ऊर्जा निगमों के अधिकारियों की कारगुजारियों पर आंख बंद करउन्होंने ने कहा कि वास्तव ऊर्जा निगम को घाटे में दिखाकर बिल बढ़ाने की योजना है । वर्तमान में ऊर्जा निगम के एमडी के पास चार चार पद है तो निगम को घाटे से एमडी कैंसे उभार पायेगा , इसलिए जनता के उपर अतिरिक्त राजस्व का भार डाला जा रहा है। उक्रांद नेता ने कहा कि यदि नियामक आयोग व भाजपा की सरकार वास्तव में जनता के हितों की संरक्षण की बात करती है तो ऊर्जा निगमों में किया जा रहे अनावश्यक अनुरक्षण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच करवाकर कुछ भ्रष्ट अधिकारियों से राजस्व की वसूली करके ऊर्जा निगमों को घाटे से उभार दे।
उनियाल ने कहा कि ऊर्जा निगमों का कैग से ऑडिट करवाना चहिये जिससे निगमों के घाटे का वास्तविक सत्य जनता को पता चल सके। साथ ही निगम में कई योग्य अधिकारी होने के बावजूद एक व्यक्ति को अनेकों पदों पर क्यों बिठाया गया है इससे साफ जाहिर है कि निगम पर सरकार व विद्युत नियामक आयोग का नियंत्रण नही है जिससे निगम को घाटा दिखाकर राज्य के लाखों विद्युत उपभोक्ताओं को मंहगी बिजली दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली जैसे प्रदेश में सस्ती बिजली मिल रही है जो कोयला खरीदकर विद्युत उत्पादन कर रहे हैं। उत्तराखंड में विद्युत उत्पादन प्राकृतिक जल से होने के बावजूद यहां बिजली मंहगी बेची जा रही है। उनियाल ने कहा कि शीघ्र ही उक्रांद द्वारा जनहित में इस विषय में विचार विमर्श किया जाएगा जिसमे आगे की रणनीति जनआंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी , ताकि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों जल सम्पदा की लूट को बचाया जा सके।

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