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उत्तराखण्ड

एसआरआई महिला रामलीला में मेघनाथ व कुम्भकर्ण वध का रोमांचक मंचन,,


हल्द्वानी, ,,शीशमहल रामलीला मैदान में एसआरआई संस्था द्वारा आयोजित महिला रामलीला के दसवें दिन बुधवार शाम को मेघनाथ व कुम्भकर्ण वध की लीला का सजीव मंचन किया गया। राज्य दर्जा मंत्री शंकर कोरंगा, देवकी नंदन भट्ट, गिरीश तिवारी, मनोज तिवारी, दिनेश फुलारा व सुरेश तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया।
डायरेक्टर मुकेश कुमार जोशी के निर्देशन में कलाकारों ने रामायण की इस महत्वपूर्ण लीला को जीवंत रूप प्रदान किया। दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी रही। लीला में लक्ष्मण को संजीवनी बूटी पिलाए जाने के बाद उनके होश में आने पर रामदल में खुशी की लहर दौड़ गई। तत्काल बाद मेघनाथ को युद्ध के लिए ललकारा गया।
रोमांचकारी युद्ध के दौरान लक्ष्मण के बाण से मेघनाथ युद्धभूमि में वीरगति को प्राप्त हो गया। इसकी सूचना से लंका में शोक की लहर फैल गई। मेघनाथ की पत्नी सुलोचना ने पति के सती होकर बलिदान दिया।
इसके बाद रावण ने राम से बदला लेने के लिए सोते हुए भाई कुम्भकर्ण को जगाया और युद्धभूमि में उतारा। भगवान राम के बाणों से कुम्भकर्ण भी मारा गया, जिससे लंका में मातम छा गया।
संस्थाध्यक्ष तनुजा जोशी ने कहा, “महिला उत्थान व आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए इस रामलीला में महिलाओं की भागीदारी महिला सशक्तिकरण का जीता-जागता उदाहरण है। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना तथा नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों से जोड़ना है।”
मंच संचालन रिम्पी बिष्ट ने किया। मुख्य कलाकार: श्री राम-मानसी रावत, लक्ष्मण-अंशिका जीना, हनुमान-तनुजा जोशी, रावण-दीपा कोश्यारी, सुग्रीव-नीलम लोहनी, अंगद-कामिनी पाल व विनीता जोशी, मेघनाथ-मंजू बिष्ट, सुलोचना-ईशिका शर्मा, सखी-भावना पोखरियाल, कुम्भकर्ण-जानकी पांडे, पंडित-गीता उप्रेती। नल-नील-चित्रांशी व प्रांजलि, तथा बंदरों की भूमिका में अन्य बच्चे।
इस अवसर पर पुरुष रामलीला कमेटी के प्रबंधक विक्रम डंगवाल, पुष्पा संभल, संगीत निर्देशक मोहन चन्द्र जोशी, तबलावादक कुश पांडे, महामंत्री कौशलेंद्र भट्ट सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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