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उत्तराखण्ड

शीत जल अनुसंधान निदेशालय भीमताल में 36 वां स्थापना दिवस का आयोजन

शीत जल अनुसंधान निदेशालय भीमताल में 36 वां स्थापना दिवस का आयोजन। भवाली शीतजल की मत्स्यकी अनुसंधान निदेशालय भीमताल के 36 में स्थापना दिवस का आयोजन किया गया इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर पंजाब सिंह पूर्व सचिव कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद साथ ही वर्तमान में रानी लक्ष्मी केंद्रीय केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी के कुलपति ने दीप प्रचलित कर कर समारोह का शुभारंभ किया इस अवसर पर डॉ जेएस जेना उपनिदेशक मत्स्यकी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ प्रभात शंकर शुक्ला कुलपति पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय शिलांग तथा डॉ लक्ष्मीकांत निदेशक विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा बतौर विशेष अतिथि की उपस्थित थे संस्थान के निदेशक डॉ प्रमोद कुमार पांडे ने सभी का स्वागत किया तथा अपने संबोधन में संस्थान की उपलब्धियां पर प्रकाश डाला साथ ही संस्थान की भावी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर पंजाब सिंह ने अपने समवोधन में संस्थान के स्थापना दिवस बधाई दी उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में मत्स्य पालन की भूमिका पर प्रकाश डाला एवं मत्स्य पालन में उत्पादकता वृद्धि के साथ-साथ मार्केटिंग व्यवस्था को मजबूत मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया उन्होंने संस्थान द्वारा किए जा रहे हैं शोध कार्यों की प्रशंसा की एवं उसके कार्यान्वित होने से पर्वतीय क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को प्रबल बनाने पर अपने विचार व्यक्त किये इस अवसर पर एक नीति पत्र केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में जलीय कृषि मत्स्य पालन की सतत विकास हेतु रोड मैप का अनावरण भी किया डॉक्टर जे के जेना ने मस्त पालन के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला उन्होंने जलवायु परिवर्तन के दौर में मत्स्य पालन के क्षेत्र में आने वाली विभिन्न बीमारियों हेतु नियमित सर्वे लेंस कार्यक्रम पर मत्स्य पालन से संबंधित तकनीकियों के व्यवसायीकरण करण पर चर्चा की जोर दिया डॉ प्रभा शंकर शुक्ला ने संबंधित तकनीकी के व्यवसायीकरण पर चर्चा की संस्थान द्वारा विकसित तकनीकी को पूर्वोत्तर क्षेत्र में लागू करने की संभावना पर प्रकाश डाला विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉक्टर लक्ष्मीकांत ने खाद्य सुरक्षा में प्रोटीन के महत्व पर प्रकाश डाला उन्होंने मछलियों के आहार हेतु मक्का की प्रजातियां विवेक क्यों म 9 की उपयोगिता एवं संभावना पर चर्चा की संस्थान द्वारा संचालित अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत मत्स्य पालकों को मत्स्य को बीज एवं आहार का वितरण किया गया इस अवसर पर संस्थान द्वारा हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए कार्यक्रम के अंत में डॉ शाहनवाज अली वरिष्ठ वैज्ञानिक ने धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया कार्यक्रम में संस्थान के कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी मत्स्य पालक एवं महिला मंडल के धारी के सदस्य ने भाग लिया उसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया

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