Connect with us

उत्तराखण्ड

कमल झील पुनर्जीवित एवं सौंदर्यीकरण कि समाज सेवी बृजवासी ने शासन-प्रशासन से की मांग,,


नौकुचियाताल सिंचाई विभाग, पर्यटन विभाग झील संरक्षण के लिए शासन से बजट पास नहीं करा पाया जिस कारण पंत नगर यूनिवर्सिटी इस झील के लिए कार्य की शुरुआत नहीं कर पाई
सरकार से बजट न मिलने के कारण आज ये झील दिनों दिन जंगली घास के आगोश में समा रही है, दोनों झीलों के बीच जाली न लगने से कमल को सिल्वर ग्रास कार्फ मछली से दिनों दिन बढ़ रहा है खतरा
भीमताल पिछले पाँच वर्षों से लगातार पर्यटन से जुड़े कारोबारी एवं नौकुचियाताल वासी कमल झील की सुध लेने को बार-बार शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं, किन्तु आज भी झील कमल विहीन पड़ी हुई है, झील में जंगली घास फैल रही है जिससे पूरी झील दिनों दिन बदसूरत होते जा रही है साथ ही कमल झील और नौकुचियाताल झील के मध्य विभाग द्वारा जाली न लगाने से कमल झील में सिल्वर ग्रास कार्फ मछली कमल को नुकसान पहुंचा रही है, नगर के सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने बताया कि वे कमल झील सुधार एवं सौंदर्यीकरण के लिए पिछले 7 वर्षो से लगातार प्रयासरत है, उन्होंने पूर्व में सिंचाई विभाग, पर्यटन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों से झील में कमल न खिलने की जांच और झील सौंदर्य की मांग रखी थी, जिस पर बार-बार माँग करने के उपरांत जिला प्रशासन ने जी. बी. पंत यूनिवर्सिटी पंत नगर से कमल झील की स्टडी करायी और प्रस्ताव तैयार कर सिंचाई विभाग द्वारा 29.815 लाख का बजट पास होने को अक्टूबर माह 2021 में शासन को भेजा, किन्तु बजट पास न होने के कारण आज भी मामला ज्यों का त्यों बना हुआ है जो पर्यटन शहर नौकुचियाताल की छवि में दाग लगा रहा हैं, जिसको लेकर आज पुनः सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने शासन से कमल झील पुनर्जीवित एवं सौंदर्यीकरण हेतु बजट कि मांग की है और शीघ्र झील की सुंदरता बढ़ाने एवं कमल फूल के रख-रखाव, संरक्षण पर कार्य करने की प्रशासन से मांग की है l🙏

Ad Ad Ad Ad Ad Ad
Continue Reading
You may also like...
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखण्ड

Trending News

Follow Facebook Page